Tuesday, April 23, 2019

भाजपा में शामिल हुए सनी देओल, गुरदासपुर से मिल सकता है टिकट

नई दिल्ली. अभिनेता सनी देओल मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें गुरदासपुर से टिकट मिल सकता है। उनके पिता धर्मेंद्र 2004 में बीकानेर से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते थे। हेमामालिनी 2014 में मथुरा से भाजपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। इस बार भी भाजपा ने उन्हें मथुरा से उम्मीदवार बनाया है। विनोद खन्ना गुरदासपुर से 4 बार सांसद रहे थे।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब हमें सनी के पार्टी में शामिल होने की बात पता चली तो फिल्म बॉर्डर की याद आ गई। ऐसी फिल्म बनाना जो लोगों के दिलों को छुए, इससे पता है कि कलाकार लोगों की भावनाओं को समझता है। मुझे विश्वास है कि सनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि को समझा और हमारे साथ जुड़े। पीयूष गोयल के मुताबिक- आज कई वर्षों का पारिवारिक संबंध राजनीतिक संबंध बनने जा रहा है। मुझे 2008 की घटना याद है जब धर्मेंद्र जी हमारे सांसद थे। संसद में अहम वोटिंग होने जा रही थी। वे अमेरिका में इलाज करा रहे थे। लेकिन पार्टी के आदेश पर अस्पताल से सीधे प्लेन में बैठकर संसद आना और पार्टी के लिए वोट देना और फिर अमेरिका वापस जाना यह बहुत बड़ी बात है। मुझे पूरा विश्वास है कि सनी देओल जनता के बीच रहकर अपने राजनीतिक जीवन की छाप भी छोड़ेंगे।

'काम करके दिखाऊंगा'
सनी ने कहा- जो कुछ आप लोगों ने मेरे बारे में कहा है उससे मुझे हिम्मत मिली है। जिस तरह मेरे पिता अटलजी के साथ जुड़े थे, वैसे ही मैं मोदी जी के साथ जुड़ने आया हूं। मैं चाहता हूं मोदी जी अगले 5 साल और रहें। हमारे युवाओं को मोदीजी की और जरूरत है। न मैं कुछ बोल सकता हूं, न बता सकता हूं। मैं काम कर के दिखाऊंगा।

इस पर राहुल की तरफ से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट ने उनसे सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा था जो उन्होंने दिया। कोर्ट ने उन्हे नोटिस नहीं जारी किया था। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप कह रहे हैं कि नोटिस नही जारी हुआ तो अब नोटिस दे रहे हैं।

राहुल के खिलाफ दायर याचिका रद्द नहीं
इसी के साथ कोर्ट ने राहुल की तरफ से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राहुल के खिलाफ दायर याचिका रद्द करने की मांग की थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हमें लगता है कि याचिका पर राहुल को नोटिस जारी किया जा सकता है। उन्होंने रजिस्ट्रार को सुनवाई मंगलवार को रखने के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई थी पुनर्विचार याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर 2018 के फैसले में राफेल डील को तय प्रक्रिया के तहत होना बताया था। अदालत ने उस वक्त डील को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने डील के दस्तावेजों के आधार पर इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की थीं। इनमें कुछ गोपनीय दस्तावेजों की फोटो कॉपी लगाई गई थीं। इस पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने केंद्र की ओर से आपत्ति दर्ज कराई थी थी। उन्होंने कहा था कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 123 के तहत विशेषाधिकार वाले गोपनीय दस्तावेजों की प्रतियों को पुनर्विचार याचिका का आधार नहीं बनाया जा सकता। शीर्ष अदालत ने उनकी यह दलील खारिज कर दी थी। 

Wednesday, April 10, 2019

इसराइल चुनाव: नेतन्याहू और बेन्नी गंट्ज़ दोनों ने किया सरकार बनाने का दावा

इसराइल में मतदान के बाद आ रहे एग्ज़िट पोल्स में किसी एक पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है.

मंगलवार को संपन्न हुए आम चुनावों में दक्षिणपंथी लिकूड पार्टी के नेता और मौजूदा प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट गठबंधन के नेता और पूर्व सैन्य प्रमुख बेन्नी गंट्ज़ से कड़ी चुनौती मिल रही है.

दो एग्ज़िट पोल्स में कहा गया है कि गठबंधन के रास्ते अगली सरकार नेतन्याहू बना सकते हैं, जबकि एक एग्ज़िट पोल में कहा जा रहा है कि गठबंधन सरकार बेन्नी गैंट्ज़ के नेतृत्व में बन सकती है.

एग्ज़िट पोल्स में बेन्नी गैंट्ज़ को 36 से 37 सीटों पर आगे बढ़ते दिखाया जा रहा है तो 33 से 36 सीटों पर नेतन्याहू के जीतने की संभावना जताई जा रही है.

47 से 50 सीटों पर अन्य पार्टियों की जीत की संभावना बताई गई है. नेतन्याहू और गंट्ज़, दोनों नेताओं ने ही अपनी जीत का दावा किया है.

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बेन्नी गंट्ज़ ने अपने समर्थकों से कहा कि वो एक ऐसी गठबंधन सरकार बनाएंगे जिसमें अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों का प्रतिनिधित्व हो.

उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि हमें अभी आख़िरी नतीजों का इंतज़ार करना होगा लेकिन मेरी राय में नतीजे हमारे ही पक्ष में होंगे. मैं विविधतापूर्ण गठबंधन सरकार बनाने की पूरी कोशिश करूंगा. मैं सिर्फ़ उन्हीं लोगों का प्रधानमंत्री नहीं होऊंगा जिन्होंने मुझे वोट दिया है, मैं सबका प्रधानमंत्री होऊंगा."

इससे पहले मंगलवार को येरुशलम में मतदान करने के बाद नेतन्याहू ने पत्रकारों से कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे नतीजों के बारे में कोई शुबहा नहीं है लेकिन वोट देना एक पवित्र काम है. हमारे गणतंत्र की ख़ूबसूरती यही है कि हम मतदान कर सकते हैं और हम इसके लिए ईश्वर के आभारी हैं."

उधर रोष हायिन शहर में मतदान करने पहुंचे गंट्ज़ ने कहा, "हमें गणतंत्र का सम्मान करना चाहिए और सभी को इसमें ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. आप भी वोट करें और उसे चुनें जिस पर आपको यकीन है. हमें एक नए युग की शुरुआत करनी है, एक नए इतिहास की रचना करनी है."

59 साल के लेफ़्टिनेंट जनरल गंट्ज़ राजनीति में नए हैं और उन्होंने देश को एकता के सूत्र में बांधने का वादा किया है.

सरकारी समाचार सेवा कैन के अनुसार बिन्यामिन नेतन्याहू की लिकूड पार्टी 36 और ब्लू एंड व्हाइट 37 सीटों पर आगे रह सकती है.

इस सर्वे के अनुसार गठबंधन के बाद संसद में लिकूड पार्टी के नेतृत्व में 64 सीटें और ब्लू एंड व्हाइट गठबंधन के पास 56 सीटें आ सकती हैं

चैनल 13 के अनुसार दोनों पार्टियों को 36-36 सीटें मिलने की संभावना है और गठबंधन के बाद लिकुड पार्टी को 66 सीटें मिल सकती हैं.

चैनल 12 के अनुसार ब्लू एंड व्हाइट को 37 और लिकूड पार्टी 33 सीटें मिल सकती हैं.

इसके साथ ही देश में तकरीबन चालीस पार्टियां भी हैं जो चुनाव में अपनी किस्मत आज़मा रही हैं.

इसराइली संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को 61 सीटों की ज़रूरत है.

Tuesday, April 2, 2019

राजस्थान और बेंगलुरु के बीच मैच आज, दोनों की जीत का खाता खोलने पर नजर

जयपुर. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें संस्करण का 14वां मुकाबला मंगलवार को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम पर राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला जाएगा। दोनों ही टीमें 3-3 मैच खेल चुकी हैं, लेकिन जीत हासिल करने में असफल रही हैं। ऐसे में इस मैच में किसी एक टीम का जीत का खाता खुलना तय है। नेट रनरेट के आधार पर अंक तालिका में बेंगलुरु सबसे निचले पायदान पर है, जबकि राजस्थान 7वें नंबर पर है।

राजस्थान की टीम किंग्स इलेवन पंजाब से 14 रन, सनराइजर्स हैदराबाद से 5 विकेट और चेन्नई सुपरकिंग्स से आठ रन से हार चुकी है। वहीं, बेंगलुरु को चेन्नई के खिलाफ 7 विकेट, मुंबई इंडियंस से 6 विकेट और हैदराबाद से 118 रन से हार का सामना करना पड़ा है।

स्टार खिलाड़ियों के बावजूद जीत से दूर दोनों टीमें

दोनों टीमों के पास स्टार खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। राजस्थान की टीम में अजिंक्य रहाणे, जोस बटलर, टूर्नामेंट में पहला शतक लगा चुके संजू सैमसन, स्टीव स्मिथ और बेन स्टोक्स जैसे शानदार खिलाड़ी हैं। वहीं, बेंगलुरु के पास विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, मोइन अली, उमेश यादव और युजवेंद्र चहल जैसे कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। इसके बावजूद दोनों टीमें अपने खाते में एक भी अंक नहीं जोड़ पाईं हैं।

इस आईपीएल में दोनों पहली बार आमने-सामने

इस संस्करण में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने हैं। हालांकि, आईपीएल में दोनों टीमों के बीच अब तक 19 मुकाबले हुए हैं। इनमें से बेंगलुरु 8 और राजस्थान 9 मैच जीतने में सफल रही है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा, जबकि एक रद्द हो गया था।

सवाई मान सिंह पर 6 साल से राजस्थान के खिलाफ जीत नहीं पाई है बेंगलुरु
जयपुर में दोनों टीमें 7वीं बार आमने-सामने होंगी। अब तक हुए 6 मैच में राजस्थान और बेंगलुरु 3-3 मैच जीतने में सफल रही हैं। हालांकि, सवाई मान सिंह स्टेडियम पर बेंगलुरु ने आखिरी जीत 23 अप्रैल 2012 को हासिल की थी। तब उसने राजस्थान को 46 रन से हराया था। उसके बाद से उसने इस स्टेडियम पर राजस्थान के खिलाफ दो मैच खेले, लेकिन दोनों में ही हार ही नसीब हुई। राजस्थान की टीम इस मैदान पर बेंगलुरु के खिलाफ 29 अप्रैल 2013 से नहीं हारी है।

सवाई मान सिंह स्टेडियम पर दोनों टीमों के बीच खेले गए मैच के नतीजे

राजस्थान रॉयल्स : अजिंक्य रहाणे (कप्तान), कृष्णप्पा गौतम, संजू सैमसन, श्रेयस गोपाल, आर्यमान बिड़ला, एस. मिधुन, प्रशांत चोपड़ा, स्टुअर्ट बिन्नी, राहुल त्रिपाठी, बेन स्टोक्स, स्टीव स्मिथ, जोस बटलर, जोफरा आर्चर, ईश सोढ़ी, धवल कुलकर्णी, महिपाल लोमरोर, जयदेव उनादकट, वरुण एरॉन, ओशेन थॉमस, शशांक सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, शुभम रंजाने, मनन वोहरा, एश्टन टर्नर, रियान पराग।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु : विराट कोहली (कप्तान), एबी डिविलियर्स, पार्थिव पटेल (विकेटकीपर), मार्क्स स्टोइनिस, शिमरोन हेटमेयर, शिवम दुबे, नाथन कूल्टर-नाइल, वॉशिंगटन सुंदर, उमेश यादव, युजवेंद्र चहल, मोहम्मद सिराज, हेनरिक क्लासेन, मोइन अली, कॉलिन डी ग्रांडहोम, पवन नेगी, टिम साउदी, अक्षदीप नाथ, मिलिंद कुमार, देवदत्त पडिक्कल, गुरकीरत सिंह, प्रार्थना रे बर्मन, कुलवंत केजरोलिया, नवदीप सैनी, हिम्मत सिंह।