भारतीय कंपनियों के लिए नवंबर का महीना शानदार रहा. दरअसल, देश की कंपनियां अब विदेशों से कर्ज मांगना कम कर दिया है. यह जानकारी रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों से मिली है. आरबीआई के नए आंकड़ों के मुताबिक भारतीय कंपनियों ने नवंबर में 1.99 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाया. यह पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 34.3 फीसदी कम है.
भारतीय कंपनियों ने नवंबर 2017 में 3.09 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी कर्ज जुटाया था. इसमें रुपये में अंकित विदेश बांड यानी मसाला बांड के जरिये जुटाया गया 1.85 करोड़ डॉलर का कर्ज भी शामिल था. विदेशी कर्ज जुटाने वाली कंपनियों में पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (50 करोड़ डॉलर) भारत पेट्रोलियम (30 करोड़ डॉलर) वीवो मोबाइल इंडिया प्रालि 20 करोड़ डॉलर और हेंगटन आप्टिक-इलेक्ट्रिक इंडिया (4.5 करोड डॉलर) प्रमुख हैं.
क्या होता है मसाला बॉन्ड
हालांकि घरेलू कंपनियों ने इस साल नवंबर में मसाला बॉन्ड के जरिये कोई ऋण नहीं जुटाया है. मसाला बॉन्ड भारतीय रुपये में विदेशों में जारी किया जाने वाला बॉन्ड है. इस बॉन्ड को भारतीय कंपनियां विदेशी निवेश के लिए जारी करती हैं.
इससे पहले भारतीय कंपनियां इंटरनेशनल मार्केट में निवेश के लिए जो बॉन्ड जारी करती थी, वह डॉलर में होता था. डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव से होने वाला नुकसान भारतीय कंपनी को उठाना पड़ता था. मसाला बॉन्ड का नाम पारंपरिक तरीकों से भारतीय मसालों पर रखा गया है. आसान भाषा में कहें तो विदेशी पूंजी बाजार में निवेश के लिए भारतीय रुपये में जारी किया जाने वाले बॉन्ड को मसाला बॉन्ड कहते हैं.
गुजरात और महाराष्ट्र बॉर्डर पर बनता है ये जहर...
जांच में यह भी सामने आया है कि फेंटानिल ड्रग गुजरात और महाराष्ट्र बॉर्डर पर बनता है. वापी, पालघर और उमरगांव में इसे खुफिया तरीके से तैयार किया जाता है. भारत से इसकी सप्लाई इतने बड़े पैमाने पर होती है कि अमेरिका ने भारत को चिट्ठी लिखकर इस तरह के नशीले पदार्थों पर रोक लगाने तक की बात कही है. क्योंकि अमेरिका में 2016 में इसके ओवरडोज से 20 हजार और 2017 में 29 हजार लोगों की जान गई थी.
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब फेंटानिल भारत में पकडाया हो. इसके पहले मध्य प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में भी इसे बड़ी तादाद में जब्त किया जा चुका है. कोर्ट ने आरोपियों को 1 जनवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इनमें से सलीम बोला को इसके पहले भी एंटी नारकोटिक्स की टीम गिरफ्तार कर चुकी है.
Friday, December 28, 2018
Wednesday, December 19, 2018
सपा-बसपा के गठबंधन से कांग्रेस OUT! मायावती के जन्मदिन पर हो सकता है ऐलान
देश के तीन राज्यों की सत्ता में वापसी के बाद कांग्रेस के लिए उम्मीद जगी थी कि उत्तर प्रदेश में होने वाले महागठबंधन में उसकी दावेदारी मजबूत होगी, उसके अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है. सूबे में सपा-बसपा के साथ होने वाले गठबंधन में कांग्रेस को दरकिनार किया जा सकता है. सपा-बसपा गठबंधन में सीटों का फॉर्मूला तकरीबन तय हो गया है. माना जा रहा है गठबंधन का औपचारिक ऐलान मायावती के जन्मदिन पर हो सकता है.
बसपा सूत्रों की मुताबिक यूपी में सपा-बसपा के साथ गठबंधन और सीटों के फॉर्मूला तय हो गया है. इस फॉर्मूले के तहत कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली छोड़ सकते हैं. इसके अलावा चौधरी अजीत सिंह की पार्टी आरएलडी को 2 से 3 सीटें मिल सकती है. आरएलडी के खाते में बागपत, मुजफ्फरनगर और कैराना संसदीय सीटें दी जाएगी.
सूत्रों की मानें तो दोनों पार्टियों ने सूबे की 80 लोकसभा सीटों में अपने लिए सीटें तय कर ली है. एक फॉर्मूले के मुताबिक बीएसपी 38 और सपा 37 सीटों पर चुनावी लड़ेगी. जबकि दूसरे फॉर्मूले के तहत बसपा 39 और सपा को 37 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेंगी. ऐसी स्थिति में आरएलडी को 2 सीटें मिल सकती है. कहा जा रहा है कि इस फॉर्मूले पर दोनों ही दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सहमति भी बन चुकी है.
सपा और बसपा- दोनों पार्टियां कांग्रेस के साथ यूपी में गठबंधन करने के मूड में नहीं है. हाल ही में हुई पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियां कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ी थीं. हालांकि नतीजों के बाद दोनों पार्टियों ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन दिया है.
ऐसी स्थिति में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अकेले चुनावी मैदान में उतरना पड़ सकता है. हालांकि गठबंधन की गुंजाइश बनी रहे, इस लिहाजा से सपा-बसपा कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में गठबंधन प्रत्याशी नहीं उतारेंगी. साथ ही सपा अपने कोटे की कुछ सीटें भी अन्य छोटे दल जैसे निषाद पार्टी, पीस पार्टी को दे सकती है.
बसपा हर साल मायावती के जन्मदिन को बहुत धूमधाम से मनाती है. इसी दिन मायावती एक ब्लू बुक जारी जारी करती है जिसमें हर साल के उनके काम और बीएसपी के वैचारिक नजरिए को सामने रखा जाता है. लोकसभा चुनाव के लिहाज से इस बार एक बड़ा आयोजन कर सकती है. इस कार्यक्रम गैर कांग्रेसी और गैर बीजेपी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि इसी दिन सूबे में गठबंधन का ऐलान होगा.
बसपा सूत्रों की मुताबिक यूपी में सपा-बसपा के साथ गठबंधन और सीटों के फॉर्मूला तय हो गया है. इस फॉर्मूले के तहत कांग्रेस के लिए अमेठी और रायबरेली छोड़ सकते हैं. इसके अलावा चौधरी अजीत सिंह की पार्टी आरएलडी को 2 से 3 सीटें मिल सकती है. आरएलडी के खाते में बागपत, मुजफ्फरनगर और कैराना संसदीय सीटें दी जाएगी.
सूत्रों की मानें तो दोनों पार्टियों ने सूबे की 80 लोकसभा सीटों में अपने लिए सीटें तय कर ली है. एक फॉर्मूले के मुताबिक बीएसपी 38 और सपा 37 सीटों पर चुनावी लड़ेगी. जबकि दूसरे फॉर्मूले के तहत बसपा 39 और सपा को 37 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेंगी. ऐसी स्थिति में आरएलडी को 2 सीटें मिल सकती है. कहा जा रहा है कि इस फॉर्मूले पर दोनों ही दलों के शीर्ष नेताओं के बीच सहमति भी बन चुकी है.
सपा और बसपा- दोनों पार्टियां कांग्रेस के साथ यूपी में गठबंधन करने के मूड में नहीं है. हाल ही में हुई पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियां कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ी थीं. हालांकि नतीजों के बाद दोनों पार्टियों ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन दिया है.
ऐसी स्थिति में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अकेले चुनावी मैदान में उतरना पड़ सकता है. हालांकि गठबंधन की गुंजाइश बनी रहे, इस लिहाजा से सपा-बसपा कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में गठबंधन प्रत्याशी नहीं उतारेंगी. साथ ही सपा अपने कोटे की कुछ सीटें भी अन्य छोटे दल जैसे निषाद पार्टी, पीस पार्टी को दे सकती है.
बसपा हर साल मायावती के जन्मदिन को बहुत धूमधाम से मनाती है. इसी दिन मायावती एक ब्लू बुक जारी जारी करती है जिसमें हर साल के उनके काम और बीएसपी के वैचारिक नजरिए को सामने रखा जाता है. लोकसभा चुनाव के लिहाज से इस बार एक बड़ा आयोजन कर सकती है. इस कार्यक्रम गैर कांग्रेसी और गैर बीजेपी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि इसी दिन सूबे में गठबंधन का ऐलान होगा.
Friday, November 23, 2018
करतारपुर कॉरिडोर पर सिद्धू बोले- PAK आर्मी चीफ को मेरी 'झप्पी' काम आई
भारत के पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाए जाने के ऐलान के बाद देश में इसके श्रेय को लेकर होड़ शुरू हो गई है. वहीं बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उनका पाकिस्तानी सेना प्रमुख के गले लगना काम आ गया.
स्पेशल कॉरिडोर बनाए जाने के भारत सरकार के ऐलान के बाद पंजाब सरकार में मंत्री सिद्धू ने कहा कि यह पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा के साथ गले मिलने का नतीजा है. हमारा नारा है 'बुरे दिन' जाने वाले हैं.
सिद्धू के अगस्त में इमरान खान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाने के बाद से ही भारतीय राजनीति में करतारपुर साहिब को लेकर चर्चा शुरू हुई. तब सिद्धू के पाक दौरे को लेकर काफी बवाल हुआ था.
इस महीने पाक शुरू करेगा कॉरिडोर
पाक से भारत लौटने के बाद सिद्धू ने दावा किया था कि इस दौरे के दौरान ही पाक सेना प्रमुख बाजवा ने उनसे कहा है कि पाक सरकार करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए रास्ता खोल सकती है. हालांकि तब देश में उनकी 'झप्पी' को लेकर जमकर राजनीति शुरू हो गई थी.
पाकिस्तान इस महीने के अंत से ही कॉरिडोर बनाना शुरू कर देगा. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान खुद इसकी शुरुआत करेंगे. हालांकि, इसकी तारीख तय नहीं हुई है. कॉरिडोर 2019 तक पूरा हो सकता है. पाकिस्तान सरकार की ओर से भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया गया है.
केंद्र सरकार के ऐलान के बाद सिद्धू ने ट्वीट कर मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच शांति का संदेश जाएगा.
भारत-पाकिस्तान दोनों देशों की सरकारों ने ऐलान कर रखा है कि वे गुरु नानक के जीवन में बेहद खास करतारपुर के गुरुद्वारा जाने के लिए कॉरिडोर बनाएंगी. करतारतुर साहिब गुरुद्वारे को लेकर भारत सरकार ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया.
सरकार की ओर से कहा गया कि पंजाब के गुरदासपुर से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक मोदी सरकार एक स्पेशल कॉरिडोर बनवाएगी जिससे करतारपुर साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को काफी फायदा होगा. हालांकि, अभी केंद्र सरकार की ओर से सिर्फ इसका ऐलान ही किया गया था कि इसका श्रेय लेने के लिए राजनेताओं में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया.
गुरु नानक देव ने बसाया करतारपुर
सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव ने करतारपुर को बसाया था, कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम कुछ साल यहां पर ही व्यतीत किए थे. यहां पर एक गुरुद्वारा है, जिसे करतारपुर साहिब कहा जाता है. ये भारत-पाकिस्तान सीमा से चार किलोमीटर दूर है.
हालांकि पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इस फैसले के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, वह ऐतिहासिक है. सिद्धू के बारे में उन्होंने कहा कि कौन सिद्धू, इस बारे में सिद्धू का कोई भी रोल नहीं है.
केंद्र के फैसले पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि अकाली दल की अपील पर केंद्र सरकार ने जो करतारपुर साहिब कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है, उसके लिए वह मोदी सरकार का धन्यवाद देती हैं.
स्पेशल कॉरिडोर बनाए जाने के भारत सरकार के ऐलान के बाद पंजाब सरकार में मंत्री सिद्धू ने कहा कि यह पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा के साथ गले मिलने का नतीजा है. हमारा नारा है 'बुरे दिन' जाने वाले हैं.
सिद्धू के अगस्त में इमरान खान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाने के बाद से ही भारतीय राजनीति में करतारपुर साहिब को लेकर चर्चा शुरू हुई. तब सिद्धू के पाक दौरे को लेकर काफी बवाल हुआ था.
इस महीने पाक शुरू करेगा कॉरिडोर
पाक से भारत लौटने के बाद सिद्धू ने दावा किया था कि इस दौरे के दौरान ही पाक सेना प्रमुख बाजवा ने उनसे कहा है कि पाक सरकार करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए रास्ता खोल सकती है. हालांकि तब देश में उनकी 'झप्पी' को लेकर जमकर राजनीति शुरू हो गई थी.
पाकिस्तान इस महीने के अंत से ही कॉरिडोर बनाना शुरू कर देगा. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान खुद इसकी शुरुआत करेंगे. हालांकि, इसकी तारीख तय नहीं हुई है. कॉरिडोर 2019 तक पूरा हो सकता है. पाकिस्तान सरकार की ओर से भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया गया है.
केंद्र सरकार के ऐलान के बाद सिद्धू ने ट्वीट कर मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच शांति का संदेश जाएगा.
भारत-पाकिस्तान दोनों देशों की सरकारों ने ऐलान कर रखा है कि वे गुरु नानक के जीवन में बेहद खास करतारपुर के गुरुद्वारा जाने के लिए कॉरिडोर बनाएंगी. करतारतुर साहिब गुरुद्वारे को लेकर भारत सरकार ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया.
सरकार की ओर से कहा गया कि पंजाब के गुरदासपुर से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक मोदी सरकार एक स्पेशल कॉरिडोर बनवाएगी जिससे करतारपुर साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को काफी फायदा होगा. हालांकि, अभी केंद्र सरकार की ओर से सिर्फ इसका ऐलान ही किया गया था कि इसका श्रेय लेने के लिए राजनेताओं में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया.
गुरु नानक देव ने बसाया करतारपुर
सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव ने करतारपुर को बसाया था, कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम कुछ साल यहां पर ही व्यतीत किए थे. यहां पर एक गुरुद्वारा है, जिसे करतारपुर साहिब कहा जाता है. ये भारत-पाकिस्तान सीमा से चार किलोमीटर दूर है.
हालांकि पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इस फैसले के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, वह ऐतिहासिक है. सिद्धू के बारे में उन्होंने कहा कि कौन सिद्धू, इस बारे में सिद्धू का कोई भी रोल नहीं है.
केंद्र के फैसले पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि अकाली दल की अपील पर केंद्र सरकार ने जो करतारपुर साहिब कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है, उसके लिए वह मोदी सरकार का धन्यवाद देती हैं.
Monday, November 12, 2018
रिंग रोड, टर्मिनल समेत 2413 करोड़ की सौगात देंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हजारों करोड़ रुपये की सौगात लेकर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंच रहे हैं. यहां प्रधानमंत्री वाराणसी-बाबतपुर राजमार्ग, वाराणसी रिंग रोड फेज़ 1, काशी में मल्टी मॉडल टर्मिनल समेत कुल 2413 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे. प्रधानमंत्री अब से कुछ देर में काशी पहुंचेंगे, जिसके बाद यहां पर वह जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी रोड शो भी कर सकते हैं.
काशी को मिलेंगी कई सौगातें...
प्रधानमंत्री आज मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन भी करेंगे. आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब नदियों के जरिए व्यवसायिक आवागमन हो रहा है. प्रधानमंत्री यहां कोलकाता से चले कंटेनर को रिसीव भी करेंगे. इसके अलावा कुल 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 7 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय 812.59 करोड़ की लागत से बनने वाले राजमार्ग-56 के बाबतपुर से वाराणसी तक चार लेन चौड़ीकरण के कार्य, वाराणसी रिंग रोड फेज-1 (759.36 करोड़), आईडब्ल्यूटी मल्टी मॉडल टर्मिनल का निर्माण (208 करोड़) , सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट (186.48 करोड़) समेत विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे.
कड़ी की गई सुरक्षा
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए 15 आईपीएस, 20 एएसपी, 42 डिप्टी एसपी,16 इंस्पेक्टर, 521 सब इंस्पेक्टर, 610 हेडकांस्टेबल, 2225 सिपाही, 250 होमगार्ड्स, 48 महिला एसआई, 180 महिला सिपाही, समेत छह कंपनी पीएससी, सात कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है.
इन योजनाओं का होगा शिलान्यास
इसके अलावा मोदी 'इंटरसेप्शन डाइवर्जन ऑफ ड्रेन एंड ट्रीटमेंट वर्क एट रामनगर-वाराणसी', किला कटरिया मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, पूर्व राष्ट्रीय मार्ग संख्या-7 पड़ाव रामनगर (टेगरा मोड़) मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, लहरतारा-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय मार्ग पर उपरिगामी फुटपाथ का निर्माण, वाराणसी में हेलीपोर्ट का निर्माण, ड्राइवर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना कार्य आदि परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
काशी को मिलेंगी कई सौगातें...
प्रधानमंत्री आज मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन भी करेंगे. आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब नदियों के जरिए व्यवसायिक आवागमन हो रहा है. प्रधानमंत्री यहां कोलकाता से चले कंटेनर को रिसीव भी करेंगे. इसके अलावा कुल 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 7 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय 812.59 करोड़ की लागत से बनने वाले राजमार्ग-56 के बाबतपुर से वाराणसी तक चार लेन चौड़ीकरण के कार्य, वाराणसी रिंग रोड फेज-1 (759.36 करोड़), आईडब्ल्यूटी मल्टी मॉडल टर्मिनल का निर्माण (208 करोड़) , सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट (186.48 करोड़) समेत विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे.
कड़ी की गई सुरक्षा
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए 15 आईपीएस, 20 एएसपी, 42 डिप्टी एसपी,16 इंस्पेक्टर, 521 सब इंस्पेक्टर, 610 हेडकांस्टेबल, 2225 सिपाही, 250 होमगार्ड्स, 48 महिला एसआई, 180 महिला सिपाही, समेत छह कंपनी पीएससी, सात कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है.
इन योजनाओं का होगा शिलान्यास
इसके अलावा मोदी 'इंटरसेप्शन डाइवर्जन ऑफ ड्रेन एंड ट्रीटमेंट वर्क एट रामनगर-वाराणसी', किला कटरिया मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, पूर्व राष्ट्रीय मार्ग संख्या-7 पड़ाव रामनगर (टेगरा मोड़) मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, लहरतारा-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय मार्ग पर उपरिगामी फुटपाथ का निर्माण, वाराणसी में हेलीपोर्ट का निर्माण, ड्राइवर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना कार्य आदि परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
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