Friday, March 8, 2019

भारतीय वायुसेना का पाक पर तंज- उसके पाले में जाकर हमने कहा

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक पर हिंदी कविता शेयर की। इस कविता के जरिए वायुसेना ने पाकिस्तान पर तंज कसा। कविता में लिखा- आज किसी ने सरहदें पार की, क्योंकि किसी ने सारी हदें पार की, आज उसके पाले में जा के कहा हमने, हू तू तू। कविता को 'हद सरहद की' शीर्षक दिया गया है, इसे विपिन 'इलाहाबादी' ने लिखा है।

26 फरवरी को की थी एयर स्ट्राइक, 350 आतंकियों को मारने का दावा

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर आतंकियों ने फिदायीन हमला किया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाक पर मिराज- 2000 फाइटर जेट से एयर स्ट्राइक करते हुए 350 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में स्थिति जैश के ट्रेनिंग कैंप तबाह कर दिए थे।

पाक में चल रहे 22 आतंकी ट्रेनिंग कैंप
पाकिस्तान के अंदर 22 आतंकी ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। इनमें अकेले 9 जैश-ए-मोहम्मद चला रहा है। यह दावा एक सीनियर भारतीय अधिकारी ने वॉशिंगटन से किया है। उन्होंने भारत सरकार को चेतावनी भी दी है कि सीमा के पार आंतकी एक बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ वैश्विक तौर पर बड़ा कदम उठाना होगा।

पाक ने हाफिज के खिलाफ उठाया एक और कड़ा कदम
मु्ंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड औकर जमात उद-दाला (जेयूडी) के सरगना हाफिज सईद पर लाहौर के जामिया मस्जिद कदसिया में जुमे की तकरीर देने पर रोक लगा दी गई है। यह कदम आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई का हिस्सा है। इससे पहले पाक सरकार ने उसके मदरसों को अपने नियंत्रण में ले लिया था। इसके अलावा गुरुवार को 182 मदरसों को सील कर दिया और प्रतिबंधित संगठनों के 121 लोगों को ऐहतियातन हिरासत में ले लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र काशी को कई योजनाओं की सौगात देते हुए अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की नींव रखी. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से बाबा विश्वनाथ बंधे हुए थे, सांस भी नहीं ले पा रहे थे, लेकिन आज इस काम से उन्हें मुक्ति मिलेगी. उन्होंने कहा कि जब मैं राजनीति में नहीं था, तब भी सोचता था कि यहां कुछ करना चाहिए. लेकिन यह मेरे नसीब में ही लिखा था कि मेरे हाथ से ये काम हुआ. करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र काशी विश्वनाथ को मुक्त करने के पीएम के इस बयान पर काशी के विद्वत जनों में रोष है.

काशी को क्योटो बनाने के क्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए ललिता घाट से विश्वनाथ मंदिर तक दो सौ से अधिक भवनों को अधिग्रहित कर तोड़ा गया. इनमें लगभग 50 की संख्या में प्राचीन मंदिर व मठ शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने 40 से अधिक प्राचीन मंदिर जिस पर लोगों का अतिक्रमण था उसे भी मुक्त कराया है. संकटमोचन मंदिर के महंत विशंभरनाथ मिश्र से बातचीत में कहा, 'भगवान शंकर सबको मुक्त करने वाले हैं ऐसे में कोई उन्हें मुक्त करने की बात करे ये अनुचित है. इससे मैं बेहद आहत हूं. बनारस की जीती जागती संस्कृति को ढहा कर उस पर विकास की इमारत खड़ी की जा रही है. यह लाखों लोगों की आस्था से खिलवाड़ है.'

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की जद में आने वाले इन प्राचीन मंदिरों, देव विग्रहों की रक्षा के लिए आंदोलन करने वाले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के लिए जितने मंदिर तोड़े गए उतने औरंगजेब ने भी नहीं तोड़े. अगर प्रधानमंत्री का अर्थ है कि मैनें इन्हें मुक्त कराया तो सही ही है क्योंकि उन्होंने इन देव विग्रहों को उनके प्राण से मुक्त करा दिया. प्रधानमंत्री बताएं किसके कब्जे से मुक्त कराया? काशी में जो हुआ है वो अकल्प्य है. जिन देवी देवताओं के दर्शन के लिए लोग पूरे भारत से आते हैं वे उन्हें ना पाकर कैसा महसूस करेंगे.'

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